बिहार में नारियल से जुड़ी योजनाओं को लागू करने के लिए 2014 से लेकर कुल 409.06 लाख रुपए नारियल विकास बोर्ड द्वारा मंजूर किए गए हैं: श्री राधा मोहन सिंह

January 12, 2017, 6:16 PM

Since 2014, a total amount of 409.06 lakh has been sanctioned for implementing the schemes on coconut in Bihar by the Coconut Development Board: Shri Radha Mohan Singh

The Farmers Training Centre and Regional Office building will strengthen the coconut cultivation and industry in the State: Shri Singh

37th Foundation day of Coconut Development Board.

Shri Radha Mohan Singh said that Central Government is bound to promote the coconut cultivation and related activities in Bihar. Shri Singh told that since 2014 a total amount of Rs 409.06 lakhs has been sanctioned for implementing the schemes on Coconut cultivation in Bihar. Union Agriculture Minister said this on the occasion of Foundation Stone laying ceremony of Farmers Training Centre and Regional Office building at Patna on the 37th Foundation day of Coconut Development Board. Coconut Development Board was established on 12 January 1981.

Union Agriculture Minister told that Regional Office of the Coconut Development Board was shifted to Guwahati, Assam from Patna, Bihar on the basis of recommendations of a committee constituted under the chairmanship of ICAR in 2009. A central team was constituted by the Central Government focussing on the productivity of coconut in Bihar. This team has recommended to open a new and fourth Regional Office of the Board at Patna in place of State Centre Patna which was agreed upon by the Coconut Development Board in its 119th Board meeting held on 30.01.2015.

Shri Radha Mohan Singh also said that India is the global leader in production and productivity of coconut. Coconut is cultivated in 16 states and three union territories in an extent of 2.14 million ha. The crop sustains more than one crore farmer families of the country through cultivation, processing, marketing and trade related activities. In Bihar, Coconut is grown in 14,900 hectares producing 141.38 million nuts.

Shri Singh said that Kosi region in North Bihar which comprises places on either sides of the Kosi river is suitable for coconut cultivation. It is estimated that nearly 50,000 hectares of potential area in Bihar is available for coconut cultivation, mainly in North Bihar under irrigated condition. Union Agriculture Minister said that CDB aims to equip the coconut farmers in production, processing, marketing and export of coconut and its value added products thus making India the world leader in production, productivity, processing for value addition and export of coconut. Bihar belongs to nontraditional coconut cultivated area and special focus is being given for development of coconut sector in the state.

Shri Radha Mohan Singh further said that Establishment of a Farmers Training Centre, attached to the Regional Office, Patna has also been initiated. The Farmers Training Centre is expected to impart skills to farmers. The centre will strengthen coconut cultivation and industry in the state.

किसान प्रशिक्षण केन्‍द्र राज्‍य में नारियल की खेती और उद्योग को मज़बूत बनाने में मदद करेगा:श्री सिंह

नारियल विकास बोर्ड का 37 वा स्थापना दिवस

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि केन्द्र सरकार बिहार में नारियल की खेती और इससे जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने लिए कटिबद्ध है। श्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि बिहार में नारियल से जुड़ी योजनाओं को लागू करने के लिए 2014 से लेकर कुल 409.06 लाख रुपए नारियल विकास बोर्ड द्वारा मंजूर किए गए हैं। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने यह बात आज  नारियल विकास बोर्ड के 37वें स्थापना दिवस के अवसर पर पटना के वेटरेनरी कॉलेज में नारियल विकास बोर्ड के ‘किसान प्रशिक्षण केन्‍द्र एवं क्षेत्रीय कार्यालय भवन’ के शिलान्यास के मौके पर कही। नारियल विकास बोर्ड की स्थापना 12 जनवरी 1981 को हुई थी

श्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि वर्ष 2009 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिश के आधार पर नारियल विकास बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय पटना, बिहार से गुवाहटी, असम में अंतरित कर दिया गया। केन्द्रीय सरकार बनने के बाद बिहार की नारियल उत्पादन क्षमता को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय टीम गठित की गयी। इस टीम ने पटना में बोर्ड का नया एवं चौथा क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने की संस्तुति की जिस पर नारियल विकास बोर्ड ने दिनांक 30.01.2015 को संपन्न 119 वीं बोर्ड बैठक में सहमति व्यक्त की ।

श्री सिंह ने कहा कि भारत नारियल के उत्पादन और उत्पादकता में विश्व में अग्रणी देश हैं। देश में 16 राज्यों और तीन संघ शासित क्षेत्रों में 21.4 लाख हेक्टर क्षेत्र में नारियल की खेती की जाती है। नारियल की खेती, प्रसंस्करण, विपणन और व्यापार संबंधी गतिविधियों से एक करोड से अधिक परिवार अपनी आजीविका चलाते हैं। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार में 14,900 हेक्टर में नारियल की खेती होती है और नारियल का उत्पादन 14.138 करोड है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि उत्तर बिहार का कोसी क्षेत्र जिसमें कोसी नदी के दोनों तरफ के इलाके आते हैं, नारियल की खेती के लिए उपयुक्त है। अनुमान है कि बिहार में विशेषकर उत्तर बिहार में तकरीबन 50000 हेक्टर क्षेत्र में सिंचित स्थिति में नारियल की  खेती की जा सकती है।

श्री राधा मोहन सिंह कहा कि नारियल विकास बोर्ड का लक्ष्य है कि नारियल किसानों को नारियल के  उत्पादन, प्रसंकरण, विपणन और नारियल एवं  मूल्यवर्धित  उत्पादों के निर्यात में सहायता देकर भारत को नारियल के उत्पादन, उत्पादकता, प्रसंस्करण एवं निर्यात में अग्रणी बनाना। बिहार नारियल की खेती के गैर पारंपरिक क्षेत्रों में आता है और राज्य में नारियल क्षेत्र के विकास को बोर्ड विशेष ध्यान देता है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि पटना में क्षेत्रीय कार्यालय भवन के निर्माण के साथ ही किसान प्रशिक्षण केन्‍द्र की स्‍थापना की भी पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान प्रशिक्षण केन्‍द्र किसानों को कौशल विकास दिलाने के लिए है और यह केन्‍द्र राज्‍य में नारियल की खेती और उद्योग को मज़बूत बनाने में मदद करेगा।

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