चैंपियंस ट्रॉफी से पहले होगा क्रिकेटर्स का डोप टेस्ट, पहली बार लिया जाएगा ब्लड सैंपल

February 6, 2017, 9:00 AM

नई दिल्ली. चैंपियंस ट्रॉफी से पहले सभी क्रिकेटर्स का डोप टेस्ट किया जाएगा। खास बात ये कि पहली बार डोप टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल लिया जाएगा। वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) की गाइडलाइंस के मुताबिक ही ये टेस्ट किया जाएगा। टेस्ट जून में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी से पहले किया जाना है। बता दें कि अब तक डोप टेस्ट के दौरान क्रिकेटर्स यूरिन सैंपल ही देते थे। बनाया जाएगा बायोलॉजिकल पासपोर्ट…
– इस टेस्ट के जरिए क्रिकेटर्स का ‘एथलीट बायोलॉजिकल पासपोर्ट’ तैयार किया जाएगा। जैसा दुनिया में दूसरे एथलीट्स का तैयार किया जाता है।
– दरअसल, किसी एथलीट का बायोलॉजिकल पासपोर्ट उसके ब्लड प्रोफाइल की तरह होता है, जिसे रिफरेंस के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
10 साल तक रखे जाएंगे सैंपल
– BCCI के एक सोर्स ने बताया, “क्रिकेटर्स के ब्लड सैंपल 10 साल तक रखे जाएंगे। प्लेयर से हर 6 महीने में ब्लड सैंपल लिया जाएगा और इसे ओरिजिनल से मैच किया जाएगा।”
– “हर 6 महीने में ब्लड प्रोफाइल की स्टडी की जाएगी। इससे ज्यादा टारगेटेड टेस्ट हो सकेगा और डोपिंग के एविडेंस भी क्लियर मिलेंगे।”
– “WADA के स्मार्ट टेस्ट में इन ब्लड सैंपल का इस्तेमाल ग्रोथ हार्मोन टेस्ट के लिए किया जाएगा।”
– सोर्स ने कहा, “अगर किसी बल्लेबाज या गेंदबाज की शानदार अविश्वसनीय परफॉरमेंस देखकर आपको शक हो रहा है तो आप ब्लड सैंपल के जरिए ग्रोथ हार्मोन टेस्ट करके जान सकते हैं कि प्लेयर ने इसके लिए कोई गलत तरीका तो नहीं अपनाया है।”
क्यों पड़ी ब्लड सैंपल की जरूरत?
– BCCI के सोर्स ने बताया, “क्रिकेट को स्किल बेस्ड स्पोर्ट माना जाता रहा है, इसलिए इसमें डोपिंग की आशंकाएं काफी कम बचती हैं।”
– “लेकिन, टी-20 के आने के बाद क्रिकेटर को स्किल से ज्यादा पावर और स्टेमिना की जरूरत पड़ रही है। दुनिया में पावर और स्टेमिना वाले दूसरे खेलों में डोपिंग पाई जाती है।”
– “टी-20 तेजी से बढ़ रहा है और इसमें क्रिकेटर को काफी दमखम की जरूरत होती है। काफी पैसा और इज्जत दांव पर लगी होती है। फिर भी ऐसे कई प्लेयर्स हैं जो अपने नेशनल बोर्ड के स्कैनर से नहीं गुजरते हैं।”
– “इन हालात में क्या हम केवल यूरिन टेस्ट के भरोसे बैठे रह सकते हैं क्या? ब्लड टेस्टिंग और स्मार्ट टेस्टिंग की इसका सही जवाब है।”
– बता दें कि अभी तक केवल 2003 में एक इंडियन क्रिकेटर प्रदीप सांगवान डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है। – Bhaskar

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