केन्द्र सरकार ने पिछड़े क्षेत्रों में विकास के एजेंडे को पूरा करने के क्रम में क्षेत्र विशेष में चल रही अनुमोदित योजनाओं को पूरा करने के कार्य में तेज़ी लाने के लिए राज्यों को विशेष सहायता जारी की।

January 21, 2017, 2:06 AM

केन्द्र सरकार क्षेत्र विशेष में जारी विभिन्न सरकारीयोजनाओं को पूरा करने के कार्य में तेज़ी लाने के लिए राज्यसरकारों की सहायता कर रही है और उन्हें विशेष सहायता मुहैयाकरा रही है। पिछड़े क्षेत्रों में विकास के एजेंडे को पूरा करने के प्रतिभारत सरकार की वचनबद्धता के मद्देनज़र यह सहायता उपलब्धकराई जा रही है। यह सहायता इस तथ्य के बावजूद मुहैया कराईजा रही है कि बीआरजीएफ (राज्य घटक) सहित राज्य योजनापद्धति को 14वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के मद्देनज़र केन्द्रीयकरों एवं शुल्कों के व्यापक स्तर पर होने वाले हस्तांतरण मेंसम्मिलित किया गया है, और 2015-16 से केन्द्र सरकार केसमर्थन एवं सहायता से इन्हें अलग कर दिया गया है।

इस संबंध में, बिहार को हाल ही में जारी की गई 200करोड़ रुपये की सहायता राशि के अलावा केन्द्र सरकार ने बिहारसरकार को विशेष योजना के अंतर्गत जारी परियोजनाओं को पूराकरने के लिए वर्ष 2016-17 में 1129.40 करोड़ रुपये की औरविशेष सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। वर्ष2015-16 में केन्द्र सरकार द्वारा मुहैया कराई गई 1887.53 करोड़रुपये की राशि को आगे बढ़ाने के क्रम में ही यह वर्तमान राशिविभिन्न विकास परियोजनाओं को पूरा करने के लिए उपलब्धकराने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान 1129.40 करोड़ रुपये कीराशि सहित, केन्द्र सरकार अब तक कुल मिलाकर 6934.61करोड़ रुपये की राशि बिहार सरकार को उपलब्ध करा चुकी है।केन्द्र सरकार की ओर से दी जाने वाली यह सहायता राशि उत्तर एवंदक्षिण बिहार में उप-ट्रांसमिशन प्रणाली (क्षमता वृद्धि सहित) कोमज़बूत करने, बरौनी एवं मुजफ्फरपुर थर्मल पावर प्लांट केनवीकरण एवं आधुनिकीकरण, किशनगंज में संबंधित ट्रांसमिशनलाइन सहित संपूर्ण ट्रांसमिशन प्रणाली का निर्माण जैसी विभिन्नपरियोजनाओं को पूरा करने में मदद करेगी। फंड जारी होने सेबिहार में सबसे ज़्यादा ज़रूरी और लंबे समय से लोगों की उम्मीदोंसे जुड़े ऊर्जा उत्पादन और ट्रांसमिशन प्रणाली को पूरा करने केकार्य को गति मिलेगी, जिससे बिहार के लोगों को अधिक से अधिकमात्रा में बिजली उपलब्ध हो सकेगी।

अपने अति प्रतिबद्ध दायित्व का सम्मान करने के क्रम मेंकेन्द्र सरकार ने हाल ही में वर्ष 2016-17 के लिए ओडिशा राज्यको 367.93 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि जारी की है।केबीके ज़िलों (कोरापुट, बोलांगिर एवं कालाहांडी, आठ ज़िलों मेंपुनर्गठित) के लिए विशेष योजना के अंतर्गत जारी परियोजनाओंको पूरा करने के लिए ओडिशा को दी जाने वाली केन्द्रीय सहायताकी यह अंतिम किस्त है। 12वीं योजना के अंतर्गत इस परियोजनाके लिए 1250 करोड़ रुपये की राशि अनुमोदित है। केबीके ज़िलोंके लिए विशेष योजना वर्ष 2002-03 से संचालन में है। यह क्षेत्र47,646 वर्ग किलोमीटर तक फैला है, जिसमें ग्रामीण आबादीकरीब 89.95 फीसदी है। वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार इसग्रामीण आबादी में 38.41 फीसद हिस्सा अनुसूचित जनजाति का, 16.25 फीसद हिस्सा अनुसूचित जाति का है। इस योजना के तहतजारी कार्यक्रमों का उद्देश्य व्यापक रूप से छात्रावास एवं स्कूलों मेंखेल के मैदान/खेल गतिविधियां विकसित करना, अंतर-जिलासड़कों को बेहतर करना, बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मज़बूतकरना, सिंचाई व्यवस्था, बांध आदि बेहतर करना सहित अनुसूचितजनजाति/अनुसूचित जाति के लड़के एवं लड़कियों के बीच शिक्षाको प्रोत्साहन देना है।

इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर राज्य की विशेष ज़रूरतों कोध्यान में रखते हुए, केन्द्र सरकार ने पूर्ण/आंशिक रूप से जर्जरमकानों के पुनरुद्धार के लिए वर्ष 2015-16 के दौरान 1194.37करोड़ रुपये जम्मू-कश्मीर राज्य को जारी किए थे। इसके बाद वर्ष2016-17 के दौरान केन्द्र सरकार जम्मू एवं कश्मीर राज्य के लिए2207.30 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। इसमें 1093.34 करोड़रुपये की धनराशि जर्जर ढांचों के स्थायी पुनरुद्धार, 313.96 करोड़रुपये की धनराशि वर्तमान में जारी परियोजनाओं को पूरा करने केक्रम में जम्मू-कश्मीर शहरी क्षेत्र विकास निवेश कार्यक्रम(जेकेयूएसडीआईपी) के ईएपी परियोजना के अंतर्गत एशियनविकास बैंक-2 ऋण के समकक्ष वित्तपोषण के लिए और 800करोड़ रुपये व्यापारी/स्व नियोजित/व्यावसायी संस्थाओं कीआजीविका को बनाए रखने में सहायता करने के लिए ब्याज में छूटदेने के उद्देश्य से जारी किया गया है।  कुल मिलाकर, केन्द्र सरकार3401.67 करोड़ रुपये की धनराशि विशेष सहायता के रूप मेंराज्य सरकार को अब तक जारी कर चुकी है।

इसी प्रकार, केन्द्र सरकार आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना जैसेनवगठित राज्यों को मदद पहुंचाने के लिए भी विशेष सहायताधनराशि का सदुपयोग कर चुकी है। वर्तमान वित्त वर्ष 2016-17के दौरान, 1976.50 करोड़ रुपये की धनराशि आंध्र प्रदेश राज्य कोजारी की गई है। इसमें 1176.50 करोड़ रुपये की धनराशि राज्यका दो टुकड़ो में बंटवारा होने से पैदा हुई विकट परिस्थितियों एवंसमस्याओं को दूर करने के लिए, 350 करोड़ रुपये की धनराशिअनंतपुर, चित्तूर, कुड्डापा, कुरनूल, श्रीकाकुलम, विज़ियानाग्राम औरविशाखापट्टनम जैसे 07 पिछड़े ज़िलों के विकास के लिए एवं 450करोड़ रुपये राज्य की राजधानी अमरावती के विकास के लिए जारीकिए गए हैं। केन्द्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही यहअतिरिक्त सहायता, राज्य में वर्तमान में जारी परियोजनाओं कोसफलतापूर्वक पूरा करने और गरीबी एवं अन्य समस्याओं सेनिपटने में राज्य सरकार को सक्षम बनाएगी। इसके अतिरिक्त, 100करोड़ रुपये की अनुदान राशि पोलावरम सिंचाई परियोजना के लिएजारी की गई थी। वहीं, 1981.54 करोड़ रुपये की धनराशि17.12.16 को नाबार्ड के माध्यम से केन्द्रीय जल संसाधन, नदीविकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय की ओर से पोलावरम सिंचाईपरियोजना के लिए विशेष सहायता के तौर पर जारी की गई थी।

तेलंगाना के पिछड़े क्षेत्रों के विकास के प्रति अपनीवचनबद्धता को ध्यान में रखते केन्द्र सरकार ने 450 करोड़ रुपयेकी धनराशि विशेष सहायता के तौर पर इस राज्य को जारी करचुका है। अदीलाबाद, निज़ामाबाद, करीमनगर, वारंगल, मेडक,मेहबूबनगर, रंगारेड्डी, नालगोडिया और खम्मम आदि वे पिछड़ेजिले हैं, जहां केन्द्र सरकार की इस विशेष सहायता से विकास कार्यकिए जा रहे हैं। इन जिलों में सड़कों का जाल बिछाने के लिए भीकेन्द्र सरकार की ओर से दी जा रही इस विशेष सहायता से मदद लीजा रही है। तमिलनाडु भी केन्द्र सरकार की इस विशेष सहायतायोजना का लाभार्थी है।

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